बहुत लोग ऐसा मानते हैं के ब्राउन अंडा वह सफेद अंडे से ज्यादा बेहतर है। ऐसा कन्सेप्ट है कि देसी अंडे में ज्यादा ताकत होती है और सफेद अंडे में ज्यादा ताकत होती नहीं है।

एक अभ्यास में ऐसा साबित हुआ है कि ऐसा कोई कन्सेप्ट है ही नहीं। जहां तक अंडे का सवाल है वह बॉडी के लिए बहुत ही जरूरी है क्योंकि इसमें प्रोटीन और बाकी चीजें बहुत अच्छी मात्रा में होती है।

जहां तक अंडे के कैरेक्टर का सवाल है वह कलर से डिसाइड नहीं होता.बहुत सारी दूसरी चीज है जो जरूरी होती है। अंडे का कलर से कोई मतलब नहीं है, चाहे वह ब्राउन रहे या सफेद हो.

अगर एक उदाहरण से समझे तो जब मुर्गी अंडा देती है और अंडा 3 से 4 घंटे तक सनलाइट में पड़ा रहता है तो उसमें विटामिन-डी का जो कंटेंट है वह ऑलमोस्ट 4 गुना बढ़ जाता है।

ऐसे ही अगर आप मुर्गी को जो खाना देते हैं उसमें अगर ओमेगा-3 अच्छी मात्रा में दिया गया तो ऐसा माना जाता है जो मुर्गी अंडा देगी उसमें ओमेगा-3 अच्छी मात्रा में पाया जाएगा।